बोकारो थर्मल
बोकारो थर्मल एवं चंद्रपुरा पावर प्लांट से छाई उठाव पर रोक को लेकर साढ़े तीन माह के लंबे आंदोलन को लेकर पहली बार सोमवार को बोकारो थर्मल स्थित डीवीसी के निदेशक भवन में गिरिडीह सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी ने अपनी चुप्पी तोड़ी और कहा कि साढ़े तीन माह के छाई ट्रांसपोर्टिंग बंद कर चलाये जा रहे आंदोलन का परिणाम जीरो रहा है और इसे सभी लोग जान रहें हैं। सांसद ने कहा कि आंदोलन के कारण डीवीसी के दोनों पावर प्लांटों के ऐश पौंड पूरी तरह से भरे हुए हैं और बोकारो थर्मल के पावर प्लांट को बंद करने की नौबत आ गई थी। कहा कि डीवीसी का पावर प्लांट बंद होता तो झारखंड के कमांड एरिया वाले सात जिलों को घोर बिजली संकट का सामना करना पड़ता। जिससे राज्य की जनता को परेशानी का सामना करना पड़ता। जबकि बिजली वर्तमान में सभी की एक जरुरत बन गई है। सांसद ने कहा कि पावर प्लांट को चलते हुए भी जो मांगे थीं उस पर बात करके निराकरण निकाला जा सकता था। कहा कि विस्थापितों एवं ट्रांसपोर्टरों की जो भी समस्या थी उसे सही प्लेटफॉर्म पर रखने की जरुरत थी तो निराकरण निकाला जा सकता था। कहा कि अभी भी उनको मेरी जरुरत महसूस होती है तो मुझसे मदद ले सकते हैं। सांसद ने कहा कि ई-टेंडर के कारण बाहर की कंपनियां कम रेट में टेंडर डालकर कार्य करने आती हैं। जिसके कारण ऐसी समस्या सामने आ रही है। कहा कि कुछ कानूनी बाध्यता को भी देखने की जरुरत है। सभी के साथ मिलकर बात कर समस्या को सलटाया जा सकता था। बोकारो डीसी की अध्यक्षता में एक बार प्रयास भी किया गया परंतु बैठक नहीं हो सकी। सांसद ने कहा कि कोल इंडिया में कोयला सैंपलिंग के कारण कोयला का उठाव नहीं हो रहा था और यह कोल इंडिया का एक काला कानून था जिसको लेकर कोल इंडिया के चेयरमैन, कोल सचिव एवं मंत्री से दिल्ली एवं कोलकाता में मिलकर सैंपलिंग वाले कानून को वापस करवाने का कार्य किया। जिससे कोयला का कारोबार करने वालों में हर्ष का माहौल व्याप्त है। कहा कि सोमवार को डीवीसी के स्थानीय एचओपी सुशील कुमार अरजरिया से भी मिलकर पिछले दिनों मुख्यालय कोलकाता में संपन्न बैठक एवं बनाये गये मिनट्स को लेकर उसे सतह पर उतारकर कार्य करने की बात की और कहा कि विस्थापितों के साथ बैठक कर उसे लागू करने का काम करें। सांसद ने कहा कि झारखंड राज्य की कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है। कोयला के अवैध कारोबारी पूरे सिस्टम पर हावी हो गये हैं और पूरा सिस्टम इस धंधे में संलिप्त हो गया है। कहा कि मामले को लेकर उनका विरोध जारी है और जिस प्लेटफार्म पर उन्हें आवाज उठानी चाहिए। उठाने का काम कर रहें हैं। सांसद के साथ डीवीसी के एचओपी सुशील कुमार अरजरिया, सासंद प्रतिनिधि दीपक महतो, जितेंद्र यादव सहित अन्य कई लोग थे।
साढ़े तीन माह के छाई ट्रांसपोर्टिंग आंदोलन का परिणाम जीरो रहा-सांसद








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